तस्नीम न्यूज़ के अनुसर, इस ख़त में शिक्षकों ने कहा है कि अब जबकि ईरान के ईमानदार वार्ताकार अमरीका और योरोप की वादा ख़िलाफ़ी में मिलीभगत को समझ चुके हैं, ज़रूरी है कि योरोप और अमरीका से दूरी को राष्ट्रीय विकास को गति देने वाले मोटर के रूप में अपनी योजनाओं में प्राथमिकता दें।
ख़त में शिक्षकों ने कहा है कि ऐसे हालात में अत्याचारी अमरीका और उसके पिट्ठुओं के साथ आगे कोई बातचीत न हो। शिक्षकों का कहना है कि ईरान में तर्क को अहमियत देने वाली जो भी सरकार हुकूमत करे उसे दो नुक़सानदेह अनुभव के बाद ईरान अमरीका और उसके पाखंडी मगर अत्याचारी साथियों के साथ इस तरह की बातचीत इजाज़त न दी जाए।